गिरती छूरी कैसे और कब पकड़ें

एक प्रसिद्ध हिन्दी कवि गिरिधर कविराय की लिखी हुई कविता की दो पंक्तियां उद्धृत करने के पश्चात मैं अपने मूल विषय पर आऊँगा.

बिना विचारे जो करै, सो पाछे पछिताय।
काम बिगारै आपनो, जग में होत हंसाय॥

अब इसे पढ़ने के बाद आप भी मानेंगे कि शेयर मार्केट के बारे में चरचा करने वाले वणिक डॉटइन https://wanik.in पर कविता की चरचा क्यूं जरुरी है. पिछले दिनों एक जाने माने सलाहकार सेबी की जाँच के घेरे में आ गये हैं जिनकी सलाह लोग आँख मूँद कर मान लेते थे. पर कहा जा रहा है कि पूरी योजना से निरीह निवेशकों को प्रभावित कर के अपना उल्लू सीधा किया जा रहा था.

मैं कई बार यह स्पष्ट कर चुका हूं कि इस साइट पर कोई टीप नहीं दी जाती. मैं उस विचार को मानता हूं जो कहता है कि किसी को मछली देने से अच्छा है उसे मछली मारना सीखा दो. पर हर किसी को यह सुविधा तो है नहीं कि वह किसी ऐसे जलाशय के निकट हो जहाँ मछली पाली जा रही हो, या जहा मछलियां स्वाभाविक रुप से रहती हों. मजबूरन इस स्थिति में मछली के शौकीन या तो बाजार से खरीद कर लायेंगे आ इस इन्तजार में रहेंगे कि कोई उन्हें मछली उपहार में दे दे.

मछली बेचना वाला तो ठीक है. वह मूल्य ले कर मछली दे रहा है और इसमें उसका स्वाभाविक हित है. पर यदि कोई आपको मछली देकर उपकृत कर रहा है तो सोचिये कि वह ऐसा कर क्यों रहा है. तय मानिये कि उसकी कोई योजना है जिसके तहत वह ऐसा कर रहा है. पर मैं आपको न तो मछली बेचता हूं न उपहार में देता हूं. हाँ आपको मछली मारना जरूर सिखाना चाहता हूं और इसमें भी मेरा एक उद्देश्य है. जब मैं कोई तरीका आपको बताने चलता हूं तो उस पर कुछ शोध त करना ही पड़ता है और मैं इसी बहाने अपनी रणनीति की धार को तीक्ष्ण कर लेता हूं.

मैं यह भी कई बार बता चुका हूं कि ऐसी कोई रणनीति हो ही नहीं सकती जिसमें असफलता की आशंका न हो. हर रणनीति में असफलता का जोखिम छिपा रहता है. हमको आपको सिर्फ यही करना होता है कि जोखिम को कम से कम रखें और लाभ को जितना खींच सकते हों, खींच लें. फिर यहाँ भगवान बुद्ध का संदेश याद आ जाता है – तार कि उतना जरूर खींचो जिससे उसमें मनचाही ध्वनि उत्पन्न हो सके. पर इतना भी मत खींचो कि तार ही टूट जाय ! अगर आप अधिक लाभ की लालसा में रुके रहे तो बहुत संभव है कि आप जल्द ही नुकसान में आने वाले हैं.

आज से मैँ आपको नई नई रणनीति बताना शुरु करने जा रहा हूँ. आप इसे अपनी पसन्द के शेयर पर परख सकते हैं और अगर आपको सही लगे या आपका निवेश सलाहकार सही बता दे तो आप इसे इस्तेमाल कर सकते हैं. जोखिम भी पूरा का पूरा आपका होगा, लाभ भी आपही को मिलेगा अगर मिला तो. मैं तो अपने शौक के चलते बाजार में रहता हूं और तरह तरह की रणनीतियां खोजता बनाता रहता हूं. हो सकता है कि आपको मेरी बताई रणनीति कहीं और भी मिल जाय पर दूसरे रुप में मिलेगी.

तो मेरी रणनीति पर काम करने से पहले आपके पास डीमैट खाता और ट्रेडिंगव्यू चार्ट जरुर होना चाहिये. है तो अच्छी बात है. नहीं है तो और भी अच्छी बात है क्योंकि तब यदि आप मेरे बताये लिंक से आगे बढ़ेंगे तो हो सकता है मुझे कुछ रेफरल लाभ मिल जाये. आपका कुछ नहीं लगेगा पर मुझे कुछ मिल जरुर जाएगा 😉

हो सकता है कि मेरी रणनीति जाने माने सिद्धान्तों के विरुद्ध हो. जैसे कि कहा जाता है कि गिरती छूरी को पकड़ने की चेष्टा मत करो क्योंकि हाथ कटने की आशंका ज्यादा होगी. पर यदि आपको वह छूरू चाहिये ही तो डेड कैट बाउंस वाले सिद्धान्त से लाभ उठाने की कोशिश करें. अगर छत से बिल्ली नीचे गिरे तो उसके मरने की आशंका तो होगी ही पर फिर भी हो सकता है कि वह बिल्ली कुछ उछल कर फिर गिरे. आपको इसी डेड कैट बाउंस का फायदा उठाना है. या कहिये तो गिरी हुई छूरी को उठा लेना है.

किसी भी शेयर में अचानक तेज गिरावट आए तो दो कारण हो सकते हैं. पहला कोई बुरी खबर और इससे भी ज्यादा किसी बड़े निवेशक की प्राफिट बुकिंग. होता यह है कि अगर कोई बड़ा निवेशक या कोई म्युचुअल फंड मुनाफा वसूल करने निकले तो अचानक तेज गिरावट आनी ही है. और इसी मेंं जुड. जाते हैं कमजोर वणिको के स्टॉपलॉस ! आपको इसी मौके का लाभ उठाना है.

मछली मारने वाला हर शख्स यह जानता है कि इसमें धीरज की जरुरत होती है. आपको किसी बड़े जलाशय के किनारे अपनी बंसी डाल कर बैठ जाना है. हो सकता है कि मछली मिल जाए या यह भी हो सकता है कि आपके हाथ कोई मछली लगे ही नहीं. आपको मौका मिला तो लाभ हो सकता है पर नहीं मिला तो आपका कुछ जाने वाला नहीं है. आपका कुछ नुकसान नहीं होगा.

शेयर मार्केट ऐसा ही जलाशय है. वहाँ सबसे पहले आपको वह शेयर ढूंढना है जिसमें उस दिन जम के वणिकी – ट्रेडिंग – हो रही हो. फिर उस शेयर का चार्ट खोल कर बैठ जाना है. चार्ट अगर 25 मिनट वाला लें तो सबसे बढ़िया रहेगा क्योंकि यह छोटी अवधि भी नहीं होती और बहुत बड़ी भी नहीं. अगर अचानक उस शेयर में तीन प्रतिशत की गिरावट आ जाये तो आपको डेड कैट वाली बाउंस का इंतजार करना ही. शेयर में एक छोटी सी उछाल आनी ही है पर इस उछाल में आपको कोई सौदा नहीं करना है. इस उछाल के बाद आपको एक गिरावट वाली कैंडल तक रुकना है. उसके बाद जब भी उछाल वाली कैंडल बननी शुरु हो जाय तो तैयार हो जाईये और जैसे ही कैंडल गिरावट वाली कैंडल से ऊपर निकले खरीद डालिये.

इसमेंं जोखिम उस गिरावट वाली कैंडल का निचला बिंदू होगा और मुनाफा मिलने की संभावना में जोखिम से डेढ़ा या दुगुना मिले तो उठा लीजिये. ज्यादा के इंतजार में मिलने वाला लाभ भी हवा हो सकता है. नीचे मैं एक चित्र से सब कुछ स्पष्ट करने की कोशिश कर रहा हूं. यह चार्ट किसी भी कंपनी का हो सकता है, किसी भी दिन का हो सकता है. मैं आपको रणनीति बता रहा हूं किसी शेयर को खरीदने की सलाह नहीं दे रहा. रणनीति समझिये. फिर कुछ दिन किसी और शेयर पर इसे देखिये. और कई बार जब यह संभावना सही लगे तभी आप इसे उपयोग में ले आयें.

इस चित्र में जिस कैंडल के ऊपर लाल तीर लगा हुआ हैं उसकी अगली कैंंडल तेज गिरावट वाली है. इस कैंडल के नीचे हरे रंग का तीर दिखाया गया है. ये तीर चार्ट पर नहीं आते उसे मैंने समझाने के लिये डाला है. इस गिरावट के बाद वाली कैंडल में उछाल दर्ज हुआ है. यहाँ आपको कुछ नहीं करना है. उसके बाद दो लाल कैंडल दिख रहे हैं और इन दोनों के बाद वाली कैंडल जैसे ही लाल कैंडल के ऊपर निकले आपको खरीद लेना है मार्केट रेट पर. और जैसे ही खरीद में आ जाय आपको स्टॉपलॉस लगा लेना है हरी कैंंडल के नीचे. आप देखेंगे कि जल्दी ही आपका लक्ष्य मिल जायेगा.

हो सके तो अपने विचारों से मुझे अवगत जरुर करिये. अगर आपने मेरी संस्तुति से अपना खाता खोला है और ट्रेडिंगव्यू के ग्राहक बने हैं तो मुझे अवश्य सूचित करें. हो सकता है कि तब मैं भी आपको कुछ प्रतिफल दे सकूं 😉